1. वाटर लेवलर / U-ट्यूब मैनोमीटर स्केल (Water Level Gauge)
यह क्या है: यह कांच या प्लास्टिक की पारदर्शी नलियों और स्केल (मार्किंग) से बना एक वाटर लेवलर है।
“कहाँ इस्तेमाल होता है:”
खेती/खेतों में: ढलान जांचने, खेतों को समतल (Leveling) करने, और सिंचाई की नालियों के ढलान को सही रखने के लिए।
कंस्ट्रक्शन (राजमिस्त्री कार्य): दीवारों, बीम, फर्श (Flooring) और प्लिंथ लेवल की ऊंचाई दो अलग-अलग बिंदुओं पर बराबर नापने के लिए।
“इस्तेमाल करने का तरीका:”
1.नली में पानी भरा जाता है।
2.तरल पदार्थ के अपने आप बराबर स्तर पर रहने के प्राकृतिक नियम (Equilibrium) के कारण, नली के दोनों छोरों पर पानी का स्तर हमेशा एक समान ऊंचाई पर रहता है।
3.दोनों लंबी स्केलों को अलग-अलग जगहों पर खड़ा करके पानी के स्तर (Marking) को देखकर यह पता लगाया जाता है कि दोनों जगहें बिल्कुल एक समान ऊंचाई पर हैं या नहीं।
2. A-फ्रेम / साहुल लेवलर (A-Frame Level)
यह क्या है: यह लकड़ी का बना A-आकार का फ्रेम (A-Frame) है, जिसके ऊपरी कोने (Apex) से एक धागे के सहारे भारी पत्थर या साहुल (Plumb bob) लटका होता है।
“कहाँ इस्तेमाल होता है:”
1.कृषि (Agriculture): पहाड़ी या ढलान वाले क्षेत्रों में कंटूर बंडिंग (Contour Bunding) करने, मेढ़ बनाने, पानी के बहाव को रोकने और जल संरक्षण (Water Harvesting) के लिए समतल रेखा खींचने में।
2.जमीन की ढलान (Slope) मापने में: यह बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन के जमीन का लेवल बताने का एक सटीक पारंपरिक देशी उपकरण है।
“इस्तेमाल करने का तरीका:”
1.सबसे पहले इसे एक समतल (Level) सतह पर रखकर धागे की स्थिति को बीच वाली पट्टी (Crossbar) पर चिह्नित (Mark) किया जाता है।
2.जब A-line को जमीन पर रखा जाता है, तो लटकता हुआ साहुल/पत्थर अगर ठीक उसी बीच वाली मार्किंग पर आता है, तो इसका मतलब है कि जमीन बिल्कुल समतल (Level) है।
3.अगर धागा बाएं या दाएं झुकता है, तो उससे जमीन के ढलान (Slope) की दिशा और कोण का पता चलता