सोलार ऊर्जा
सौर ऊर्जा (Solar Energy) सूर्य के प्रकाश से प्राप्त होने वाली नवीकरणीय (Renewable) ऊर्जा है।
सोलर पैनल फोटोवोल्टिक (PV) तकनीक के माध्यम से सूर्य की किरणों को सीधे बिजली (Direct Current) में बदलते हैं।
इसके इस्तेमाल से बिजली बिल कम होता है और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता。
सोलर सिस्टम के प्रकारघर और व्यवसाय के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के सोलर सिस्टम उपयोग किए जाते हैं
:ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम (On-Grid): यह सिस्टम घर में बिजली पैदा करता है और अतिरिक्त बिजली को वापस ग्रिड (बिजली बोर्ड) में भेज देता है।
इसमें बैटरी नहीं होती।
ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम (Off-Grid): इसमें बैटरी का उपयोग किया जाता है।
दिन में यह सोलर से बैटरी चार्ज करता है और रात में उसी बैटरी से घर में बिजली मिलती है।
हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid): यह ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड का मिला-जुला रूप है, जिसमें ग्रिड और बैटरी दोनों का विकल्प होता है。
खर्चे और सब्सिडी की जानकारी (महाराष्ट्र)अनुमानित लागत: भारत में 1 किलोवाट (1 kW) सोलर पैनल लगवाने का कुल खर्च लगभग ₹90,000 से ₹1,25,000 के बीच हो सकता है।
उत्पादन: 1 किलोवाट का सोलर पैनल औसतन 4 से 5 यूनिट बिजली प्रतिदिन बनाता है।
सरकारी सब्सिडी: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और ‘पीएम सूर्य घर – मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आप केंद्र सरकार से सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
महाराष्ट्र में महावितरण (MSEDCL) की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।
