बकरी पालन ओर व्यवस्थापन ।
- बकरी के जात की माहीती ।
- उस्मानाबादी = रंग काल ओर रोगप्रतिकारक शक्ति खूब ज्यादा ।
- = मास देने मे सबसे ज्यादा उतम बकरी की जात ।
- सगमनेरि = इसका रंग सफेद ओर उचाई मद्यम होती हे ।
- = ये जात मास ओर दुध के लिये उपयोग मे आती हे ।
- जमुनापरी = इसकी नाक तोते की तरह मुड़ी हुई होती हे । उसके कान लंबे होते हे ।
- = ये दुध उतपादन के लिये जानी जाती हे । ओर इसका मास बी अछा होता हे ।
- सिरोही = उसके शरीर पर ब्राउन रंग के डॉटस होते हे ।
- = ये जात काम समेय मे ज्यादा वजन बड़ाती हे । बकरी पालन के लिये ये जात उतम हे ।
- कोकण कन्याला = इसका रंग काल ओर पेट पर सफेद पटे होते हे।
- = बरिस के समय पर जल्दी बीमार नहीं पड़ती ओर इसके पेरो मे जल्दी इंफेकसन नहीं होता ।
- बोअर बकरी = इसका शरीर खूब मसल होता हे । इसका गल लाल रंग का ओर शरीर सफेद होता हे ।
- = योग्य व्यवस्थापन से इसकवाजन दिन का 150 से 200 ग्राम तक बाद सकता हे । इसका वजन
- 70 से 90 तक जा सकता हे ।
- = योग्य व्यवस्थापन से इसकवाजन दिन का 150 से 200 ग्राम तक बाद सकता हे । इसका वजन

बीमारी ओर लसिकरण
1- पी.पी.आर
2-खुरकुत
3-घटसर्प
4-फर्या
5-एन्टरोटॉक्सिमिया
6-देवी (goat pox )
| रोग के नाम | लसिकरण का महिना | मात्रा | पुनरावृति |
| पी . पी. आर | जनवरी -फेब्रुअरी | १-ml | हर ३साल में एक बार |
| कर्करुत | मार्च-एप्रिल | ५-ml | हर ३साल में एक बार |
| घटसर्प | मे – जून | ५-ml | हर साल एक बार |
| फारिया | मे – जून | ५-ml | हर साल एक बार |
| इंट्रोटॉक्सीमिया | जून – जुलाई | २-ml | हर साल एक बार |
| देवि (goat pox) | दिसंबर- जनवरी | ०.५-ml | हर अल एक बार |
हाइडरोपोनिक्स

हाइड्रोपोनिक्स यानी पानी पर की जाने वाली खेती।
हाइड्रोपोनिक्स के दो प्रकार हे। १- NFt- न्यूट्रिएंट् फिल्म टेक्नीक
. २-DWC-डीप वॉटर कल्चर
हाइडरोपोनिक्स के फायदे:-
जलदी उगता है।
अच्छी गुणवत्ता हो ती हे।
हाइड्रोपोनिक्स के गेर फ़ायदे:-
पानी ज्यादा लगता हे।
शुरूआत में ज्यादा आर्थिक उपार्जन ज्यादा लगता है।
हाइडॉपोनिक्स में २ प्रकार के स्टॉक डाले जाते हे । A – स्टॉक b – स्टॉक।
स्टोक -a में डाले जाने वाले केमिकल।
Calcium nitrate – १.१९५ kg
Potassium nitrate- १२७ gn
Fe – btpa -३७.६ gm
स्टॉक -B में डाले जाने वाले केमिकल।
mono potassium – १२७ gm
Phosphate – ३२४ gm
mn – edit – १९.२४ gm
zinc- ०.३६६
botrac- ४.७६ gm
ca – ०.४७ gm
ammonium molybidat -०.०९६ kg
खेती विभाग :- प्रोजेक्ट और माहिती
उद्देश्य:-
स्थानिक स्वच्छता में बढ़ावा।
एक नई बैठक की जगाह के लिये।
विज्ञान आश्रम मे एक नई जगाह और सुन्दर जगाह के लिए।
उपयोग:-
स्वच्छता के लिये ।
औषधि की एक नई जगाह के लिये।
आस पास का वातावरण शुद्ध रखने के लिये।
बैठक के लिए।
तकलीफ :-
जगह खूब अस्वच्छ थी।
जगह खूब ढलान वाली थी।
वहां की जमीन कम फलड्रूप थी।
किया हुआ कार्य:-
जमीन को समतल की।
जमीन में खात डाला।
ईट से बंधकम किया।
.उगाये हुवे पेड़
=गोतीचा
=बागनखी
=जसवंती
=बास
=गोकन
=वाला
=एलोवेरा

कमान:-
हमने कमान के लिए बाबू काटे।
बम्बू को आधा काट कर उससे कमान बनाया।

बांधकाम:-
हमने L=१९.६ H=२.७ ki ek दीवार बनाई ।
जिस्मए हमने १६०+ ईट का उपयोग किया।
२ थैली सीमेट का उपयोग किया।
४ से ५ गाड़ी (छोटी वाली गाड़ी) कपची का उपयोग किया।

पेड़ो पर की जाने वाली कलम ।
पेडॉ पर की जाने वाली कलम का दो प्रकार हे।
१- गुटीकलम
२- पाचर कलम
-:पचरकलम:-

पचरकलम से है वो एक ही जाति के अलग प्रकार के पौधों को जोड़ सकते हे।
आम ओर संतरे जैसे पेड़ो पर हम ये कलम कर सकते हे।
इस से हम एक ही पेड़ पर दो अलग फल पा सकते हे।
-:गुटिकलम:-

पीचार कलम को हम नींबू और सीताफल के जैसे पेड़ो पर कर सकते है।
इस से हम नई दली उगा सकते है।
इस रीत से पेड़ ज्यादा घनघोर होता है।
-:सोल्टेस्टिंग:-
उदेश:-
मिट्टी के सारे तत्त्व कितने प्रमाण में हे वो जानना।
मिट्टी में क्या कमी हे वो जानना।
मिट्टी को ज़्यादा फलद्रूप बनाना ।
फायदे:-
कॉन्सा तत्त्व कितना डाल ना वो पता चलता हे।
मिट्टी की सारी जानकारी प्राप्त होती।
जानकारि:-
मिट्टीमें कुल १७ अलग अलग तत्त्व होते हे।
जैसे कि:- nitrogen
। – phosphorus
। – potassium
। – pH
-OC
। – zinc
। – copar
इनके जैसे बोहोत सारे तत्व होते हे।
