=जनरेटर एक ऐसी मशीन है जो यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में बदलती है।

स्टेप 1: इंजन चलता है। जनरेटर में डीजल, पेट्रोल या किसी अन्य ऊर्जा स्रोत से इंजन चलाया जाता है।

स्टेप 2: शाफ्ट घूमता है। इंजन जनरेटर के शाफ्ट को घुमाता है, जिससे अंदर का रोटर घूमता है।

स्टेप 3: बिजली उत्पन्न होती है। रोटर के घूमने से चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव होता है और कॉइल में वोल्टेज उत्पन्न होता है। इस प्रक्रिया को विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) कहते हैं।

स्टेप 4: बिजली का उपयोग होता है। जनरेटर से बनी बिजली तारों के माध्यम से लाइट, पंखे और अन्य उपकरणों तक पहुँचती है।

  1. इंजन (Engine): शाफ्ट को घुमाता है।
  2. रोटर (Rotor): घूमने वाला भाग है।
  3. स्टेटर (Stator): जनरेटर का स्थिर भाग है।
  4. कॉपर कॉइल (Copper Coil): इसमें वोल्टेज उत्पन्न होता है।
  5. वोल्टेज रेगुलेटर (Voltage Regulator): आउटपुट वोल्टेज को नियंत्रित करता है।
  • घरों में बिजली जाने पर।
  • अस्पतालों में आपातकालीन बिजली के लिए।
  • फैक्ट्रियों में मशीनें चलाने के लिए।
  • खेतों में पानी के पंप चलाने के लिए।
  • निर्माण स्थलों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए।
  • AC जनरेटर: प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) उत्पन्न करता है।
  • DC जनरेटर: दिष्ट धारा (Direct Current) उत्पन्न करता है।
  • डीजल जनरेटर: डीजल इंजन से चलता है।
  • पेट्रोल जनरेटर: पेट्रोल इंजन से चलता है।

जनरेटर का उपयोग बिजली बनाने और बिजली जाने पर बैकअप देने के लिए किया जाता है।

  1. घरों में: बिजली जाने पर पंखे और लाइट चलाने के लिए।
  2. अस्पतालों में: मशीनों और लाइटों को बिजली देने के लिए।
  3. फैक्ट्रियों में: बड़ी मशीनें चलाने के लिए।
  4. खेतों में: पानी के पंप चलाने के लिए।
  5. स्कूल और कॉलेज में: बिजली का बैकअप देने के लिए।
  6. शादी और कार्यक्रमों में: लाइट, साउंड सिस्टम और अन्य उपकरण चलाने के लिए।
  7. निर्माण स्थलों पर: बिजली उपलब्ध न होने पर मशीनें चलाने के लिए।
  8. दुकानों और ऑफिस में: कंप्यूटर, लाइट और अन्य उपकरणों को बिजली देने के लिए।
  9. जहाजों में: बिजली उत्पन्न करने के लिए।
  10. बिजली उत्पादन केंद्रों में: बड़े जनरेटर से बिजली बनाने के लिए।