बिजली सुरक्षित नियम
गीले हाथों से कभी भी स्विच, प्लग या किसी बिजली के उपकरण को न छुएँ।
टूटे हुए तार या ढीले प्लग का इस्तेमाल न करें।
मरम्मत के समय मेन स्विच बंद कर दें।
फ्यूज में केवल फ्यूज तार के ही प्रयोग किया जाना चाहिए
“Electric” का अर्थ
Electricका उपयोग हमारे दैनिक जीवन में अनेक कार्यों के लिए किया जाता है।
बिजली से रोशनी की जाती है
बिजली से हमारा काम आसान और तेज़ हो जाता है
Electric साहित्य
तार (Wires)
केबल (Cables)स्विच (Switch)प्लग (Plug)सॉकेट (Socket)बल्ब (Bulb)ट्यूबलाइटपंखा (Fan)
वायरिंग करनास्विच बोर्ड लगाना
खराबी ढूँढना और ठीक करना
इलेक्ट्रिक निरीक्षण
वायरिंग सही और सुरक्षित है या नहीं
MCB, फ्यूज, सर्किट ब्रेकर सही काम कर रहे हैं या नहीं
आग लगने से बचाव
बिजली के झटके से सुरक्षा
उपकरणों की सुरक्षा
“Electric निष्कर्ष”
बिजली मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है, परंतु इसका सुरक्षित और समझदारी से उपयोग करना आवश्यक है।

Prastavana
wiring तार
इन्सुलेशन (Insulation
चालक (Conductor
यही भाग बिजली को प्रवाहित करता है।
प्लास्टिक, रबर या पीवीसी (PVC) से बनी होती है।
यह करंट लगने और शॉर्ट सर्किट से बचाती है।
“Electric”wiring
का अर्थ
तार (Wires) – बिजली ले जाने के लिए
स्विच (Switch) – बिजली को चालू/बंद करने के लिए
गीले हाथों से स्विच न छुएँ
Electric साहित्य
घर में बिजली के तारों को बिछाने और जोड़ने की प्रक्रिया।
बिजली सुरक्षित रूप से विभिन्न उपकरणों (पंखा, लाइट,
Straight Joint (सीधा जोड़)जब दो तारों को एक ही लाइन में जोड़ना हो।दोनों तारों के सिरों को घुमा कर कसकर लपेटा जाता है।
Joint (टी जोड़)जब एक मेन तार से दूसरा तार निकालना हो।एक तार को मुख्य तार पर लपेटा जाता है।
Twist Joint (ट्विस्ट जोड़)सरल जोड़, तारों को आपस में मरोड़कर जोड़ा जाता है।छोटे कामों में उपयोग।
Married Jointज्यादा मजबूत जोड़।भारी लोड या करंट के लिए बेहतर।

SOLAR KOOKERसोलर कुकर की प्रस्तावना
सोलर कुकर एक ऐसा उपकरण है जो सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके भोजन पकाने का कार्य करता है।
यह न केवल ऊर्जा की बचत करता है बल्कि वातावरण को भी प्रदूषण से बचाता है
यह पूरी तरह से सूर्य की किरणों पर आधारित होता है, इसलिए
कृत्रिम श्वसन
कृत्रिम श्वसन प्राथमिक उपचार की एक महत्वपूर्ण विधि है। जब किसी व्यक्ति की साँस किसी दुर्घटना, डूबने, बिजली के झटके या अन्य कारणों से रुक जाती है, तब उसे कृत्रिम रूप से साँस दी जाती है। इस प्रक्रिया द्वारा शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाई जाती है, जिससे व्यक्ति के जीवन की रक्षा की जा सके।
Uddeshye
कृत्रिम श्वसन (Artificial Respiration) वह प्रक्रिया है जिसमें किसी व्यक्ति की सांस रुक जाने पर उसे बाहर से सांस दी जाती है, ताकि उसके शरीर में ऑक्सीजन पहुँचती रहे।
Upyog
बिजली का झटका लगने पर – साँस बंद हो जाने पर।
मुँह से मुँह द्वारा सांस देना
कृत्रिम श्वसन समय पर और सही तरीके से दिया जाए तो यह जीवन बचाने में बहुत सहायक होता है।
शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाना।व्यक्ति की जान बचाना।हृदय और मस्तिष्क को काम करने में सहायता देना।

Moter Rewinding
मोटर रिवाइंडिंग कार्य में तारों का सही चयन, कुंडली की सही संख्या, इन्सुलेशन की गुणवत्ता और सावधानीपूर्वक लपेटना बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह कार्य कुशल तकनीशियन द्वारा किया जाता है।
इस प्रकार मोटर रिवाइंडिंग एक महत्वपूर्ण विद्युत मरम्मत प्रक्रिया है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा मोटर की कार्यक्षमता पुनः प्राप्त होती है।
uddeshye
जली हुई या खराब मोटर को पुनः चालू स्थिति में लाना।मोटर की कार्यक्षमता (Efficiency) को वापस प्राप्त करना।नई मोटर खरीदने के खर्च से बचत करना।शॉर्ट सर्किट या वाइंडिंग खराबी को ठीक करना।मोटर की आयु (Life) बढ़ाना।मशीनों के कार्य में रुकावट को कम करना।
इस प्रकार मोटर रिवाइंडिंग का मुख्य उद्देश्य खराब मोटर को सुधारकर दोबारा उपयोग योग्य बनाना है।
खराब या जली हुई मोटर को दोबारा चालू करने के लिए।फैक्ट्री और वर्कशॉप की मशीनों को निरंतर चलाने के लिए।पंप, पंखा, कंप्रेसर आदि उपकरणों की मरम्मत में।बिजली से चलने वाले कृषि उपकरणों में।मोटर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए।समय और धन की बचत करने के लिए।
Upyog
इस प्रकार मोटर रिवाइंडिंग का मुख्य उद्देश्य खराब मोटर को सुधारकर दोबारा उपयोग योग्य बनाना है।
खराब या जली हुई मोटर को दोबारा चालू करने के लिए।फैक्ट्री और वर्कशॉप की मशीनों को निरंतर चलाने के लिए।पंप, पंखा, कंप्रेसर आदि उपकरणों की मरम्मत में।बिजली से चलने वाले कृषि उपकरणों में।मोटर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए।समय और धन की बचत करने के लिए।
मोटर रिवाइंडिंग – निष्कर्ष
मोटर रिवाइंडिंग एक महत्वपूर्ण विद्युत मरम्मत प्रक्रिया है। इसके द्वारा जली हुई या खराब मोटर को दोबारा सही स्थिति में लाया जाता है। यह नई मोटर खरीदने की तुलना में सस्ता और उपयोगी तरीका है।
सही तरीके से रिवाइंडिंग करने पर मोटर की कार्यक्षमता और आयु बढ़ जाती है। इसलिए मोटर रिवाइंडिंग उद्योग, कृषि और घरेलू उपयोग में बहुत महत्वपूर्ण है।



Electric Shymbol
इलेक्ट्रिक सिम्बोल वे चिन्ह होते हैं जिनका उपयोग विद्युत परिपथ (Electric Circuit) को कागज पर दर्शाने के लिए किया जाता है। इन चिन्हों के माध्यम से हम अलग-अलग विद्युत उपकरणों और उनके कनेक्शन को आसानी से समझ सकते हैं।
uddeshye
विद्युत परिपथ (Electric Circuit) को सरल और स्पष्ट रूप में दर्शाना।सर्किट में उपयोग होने वाले उपकरणों को पहचानना आसान बनाना।वायरिंग और कनेक्शन को सही तरीके से समझाना।समय और स्थान की बचत करना (पूरा चित्र बनाने की जरूरत नहीं पड़ती)।इलेक्ट्रिकल कार्य में गलती की संभावना कम करना।छात्रों और तकनीशियनों को सर्किट पढ़ने और बनाने में सहायता करना।
बैटरी (Battery) का एक विशेष चिन्ह होता है।स्विच (Switch) का अलग चिन्ह होता है।बल्ब (Bulb) का अलग चिन्ह होता है।
Upyog
विद्युत परिपथ (Electric Circuit) का नक्शा बनाने में।घर और उद्योग की वायरिंग योजना तैयार करने में।इलेक्ट्रिकल मशीनों की मरम्मत (Repairing) में।सर्किट को पढ़ने और समझने में।
सर्किट में सभी सिम्बोल सही और स्पष्ट बने होने चाहिए।प्रत्येक सिम्बोल मानक (Standard) के अनुसार होना चाहिए।कनेक्शन लाइनें सही तरीके से जुड़ी होनी चाहिए।सर्किट में कोई अनावश्यक या गलत चिन्ह नहीं होना चाहिए।सिम्बोल के नाम और नंबर सही लिखे होने चाहिए।
इलेक्ट्रिक सिम्बोल निरीक्षण
सर्किट को सही तरीके से समझना।वायरिंग में गलती को पहचानना।शॉर्ट सर्किट से बचाव करना।सुरक्षा सुनिश्चित करना।
बैटरी (Battery) 🔋स्विच (Switch)बल्ब (Bulb/Lamp) 💡रेजिस्टर (Resistor)फ्यूज (Fuse)अर्थ (Earth)
Grey Water
Grey water prastavana
आज के समय में जल संकट को देखते हुए ग्रे वॉटर का पुनः उपयोग बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। यह जल संरक्षण का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
Grey water uddeshye
जल संरक्षण करना – स्वच्छ पानी की बचत करना।पानी का पुनः उपयोग – ग्रे वॉटर को ट्रीटमेंट के बाद फिर से उपयोग में लाना।पर्यावरण की सुरक्षा – गंदे पानी को सीधे नालियों या नदियों में जाने से रोकना।जल संकट कम करना – पानी की कमी की समस्या को कम करना।खर्च में बचत – पानी के बिल और उपयोग में कमी लाना।बागवानी और सिंचाई में उपयोग – पौधों को पानी देने के लिए पुनः उपयोग करना।
Upyog
बागवानी में – पौधों और पेड़ों की सिंचाई के लिए।शौचालय फ्लश में – फ्लश चलाने के लिए पुनः उपयोग।सफाई कार्य में – फर्श, आंगन या रास्ते धोने में।निर्माण कार्य में – निर्माण स्थल पर पानी की आवश्यकता के लिए।वाहन धोने में – गाड़ी या साइकिल साफ करने में।धूल नियंत्रण में – सड़कों या खुले स्थानों पर धूल कम करने के लिए।
(Greywater) का निरीक्षण
पानी की गुणवत्ता जांच – यह देखना कि पानी में अधिक गंदगी, तेल या हानिकारक पदार्थ तो नहीं हैं।गंध की जांच – पानी में बदबू तो नहीं आ रही है।रंग की जांच – पानी का रंग बहुत ज्यादा गंदा या काला तो नहीं है।फिल्टर की जांच – ट्रीटमेंट सिस्टम के फिल्टर सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।पाइप लाइन जांच – कहीं रिसाव (लीकेज) तो नहीं है।सुरक्षा जांच – उपयोग से पहले यह सुनिश्चित करना कि पानी सुरक्षित है।
पीने के लिए उपयोग न करें – ग्रे वॉटर पीने या खाना बनाने के लिए नहीं होता।उचित ट्रीटमेंट करें – उपयोग से पहले पानी को छानकर या फिल्टर करके साफ करें।ज्यादा समय तक जमा न रखें – ग्रे वॉटर को 24 घंटे से ज्यादा स्टोर न करें, इससे बदबू और कीटाणु बढ़ सकते हैं।तेज रसायन से बचें – बहुत ज्यादा केमिकल वाले साबुन/डिटर्जेंट का उपयोग न करें।सब्जियों पर सीधे उपयोग न करें – जिन पौधों की पत्तियाँ या फल सीधे खाए जाते हैं, उन पर सीधे ग्रे वॉटर न डालें।नियमित सफाई करें – पाइप और फिल्टर की समय-समय पर सफाई करें।


Plet Tebal
सबसे पहले सर्वेक्षण क्षेत्र के आयाम (लंबाई-चौड़ाई) का निर्धारण करें। पूरे क्षेत्र में घूमकर देखें कि प्लेन टेबल को कहाँ स्थापित किया जा सकता है।
Uddeshye
प्लेन टेबल उपकरण का प्रयोग करके विभिन्न आयामों सहित किसी निश्चित स्थान का मानचित्र बनाना।
उपयोग (Upyog)
छोटे क्षेत्रों का मानचित्र बनाने के लिए।खेत, सड़क, पार्क आदि का नक्शा तैयार करने के लिए।भवन निर्माण से पहले भूमि का सर्वे करने के लिए।
निष्कर्ष
कार्य जल्दी और सरलता से किया जा सकता है।नाप और नक्शा एक साथ बनाया जाता है।कम खर्चीला तरीका है।क्षेत्र में त्रुटि तुरंत दिखाई देती है और सुधार किया जा सकता है।
इस प्रयोग में हमने प्लेन टेबल की सहायता से एक निश्चित क्षेत्र का सर्वेक्षण किया और उसका मानचित्र तैयार किया। प्लेन टेबल सर्वेक्षण सरल, सस्ता और शीघ्र परिणाम देने वाली विधि है। यह छोटे क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए बहुत उपयोगी है।
आवश्यक सामग्री
प्लेन टेबल उपकरण
दर्श रेखक (Alidade)
स्केल (रूलर
)पेंसिल
रॉड
आरेखन पेपर
पिन
30 मीटर टेप
लेवल ट्यूब
स्पिरिट लेवल

Multi Meter
मल्टीमीटर – प्रस्तावना
मल्टीमीटर एक विद्युत मापन उपकरण है जिसका उपयोग वोल्टेज (Voltage), धारा (Current) और प्रतिरोध (Resistance) मापने के लिए किया जाता है। यह एक ही यंत्र में कई माप करने की सुविधा देता है, इसलिए इसे “मल्टी” मीटर कहा जाता है।
मल्टीमीटर – उद्देश्य
परिपथ में वोल्टेज (AC/DC) मापना
।धारा (Current) मापना
।प्रतिरोध (Resistance) मापना
।तारों और उपकरणों की खराबी जाँचना
।फ्यूज, बैटरी और स्विच की जांच करना।
मल्टीमीटर – उपयोग
घर की वायरिंग की जाँच करने में
।बैटरी का वोल्टेज मापने में
।मोटर और ट्रांसफार्मर की जाँच में
।इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की टेस्टिंग में
।Continuity (तार जुड़ा है या नहीं) जांचने में।
मल्टीमीटर – निरीक्षण
मल्टीमीटर द्वारा वोल्टेज, धारा और प्रतिरोध का मापन सफलतापूर्वक किया
गया।परिपथ में जहाँ खराबी थी,
उसे माप के माध्यम से पहचाना गया
।बैटरी का वोल्टेज निर्धारित मान के अनुसार पाया गया
निष्कर्ष
इस प्रयोग में मल्टीमीटर का सही उपयोग करके विभिन्न विद्युत मात्राओं का मापन किया गया।
यह उपकरण विद्युत जाँच और मरम्मत कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी है।


Bio GAS
बायोगैस – प्रस्तावना
बायोगैस एक प्राकृतिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है,
जो गोबर, रसोई कचरा, कृषि अपशिष्ट तथा अन्य जैविक पदार्थों के अपघटन (सड़ने) से बनती है
। यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होती है
बायोगैस में मुख्य रूप से मीथेन (Methane) गैस होती है
, जो जलने योग्य होती है और ऊर्जा प्रदान करती है।
इसका उपयोग खाना बनाने, बिजली उत्पादन और प्रकाश के लिए किया जाता है।
बायोगैस – उद्देश्य
स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा प्राप्त करना।
गोबरऔर जैविक कचरे का सही उपयोग करना
।पर्यावरण प्रदूषण कम करना।
ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की समस्या का समाधान करना
।रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद प्राप्त करना।
बायोगैस – उपयोग
खाना बनाने में
।बिजली उत्पादन में।
प्रकाश (लाइट) के लिए।पानी गरम करने में।
निष्कर्ष
बायोगैस एक उपयोगी, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत है।
यह कचरे का सही उपयोग करके ऊर्जा और खाद दोनों प्रदान करती है।
इसलिए बायोगैस का उपयोग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लाभकारी है।
बायोगैस – लाभ
यह नवीकरणीय (Renewable) ऊर्जा स्रोत है।
पर्यावरण के लिए सुरक्षित है।लकड़ी और कोयले की बचत होती है।
धुआँ कम उत्पन्न होता है।

Grey Water
Grey water prastavana
आज के समय में जल संकट को देखते हुए ग्रे वॉटर का पुनः उपयोग बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
यह जल संरक्षण का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
uddeshye
जल संरक्षण करना – स्वच्छ पानी की बचत करना।
पानी का पुनः उपयोग – ग्रे वॉटर को ट्रीटमेंट के बाद फिर से उपयोग में लाना।
पर्यावरण की सुरक्षा – गंदे पानी को सीधे नालियों या नदियों में जाने से रोकना।
जल संकट कम करना – पानी की कमी की समस्या को कम करना
।खर्च में बचत – पानी के बिल और उपयोग में कमी लाना।
बागवानी और सिंचाई में उपयोग – पौधों को पानी देने के लिए पुनः उपयोग करना।
(Greywater) के उपयोग
बागवानी में – पौधों और पेड़ों की सिंचाई के लिए।
शौचालय फ्लश में – फ्लश चलाने के लिए पुनः उपयोग।सफाई कार्य में –
फर्श, आंगन या रास्ते धोने में।निर्माण कार्य में – निर्माण स्थल पर पानी की आवश्यकता के लिए।
वाहन धोने में – गाड़ी या साइकिल साफ करने में।
धूल नियंत्रण में – सड़कों या खुले स्थानों पर धूल कम करने के लिए।
(Greywater) का निरीक्षण
पानी की गुणवत्ता जांच – यह देखना कि पानी में अधिक गंदगी, तेल या हानिकारक पदार्थ तो नहीं हैं।
गंध की जांच – पानी में बदबू तो नहीं आ रही है।
रंग की जांच – पानी का रंग बहुत ज्यादा गंदा या काला तो नहीं है।
फिल्टर की जांच – ट्रीटमेंट सिस्टम के फिल्टर सही तरीके से काम कर रहे हैं
या नहीं।पाइप लाइन जांच – कहीं रिसाव (लीकेज) तो नहीं है।
सुरक्षा जांच – उपयोग से पहले यह सुनिश्चित करना कि पानी सुरक्षित है।
पीने के लिए उपयोग न करें – ग्रे वॉटर पीने या खाना बनाने के लिए नहीं होता
।उचित ट्रीटमेंट करें – उपयोग से पहले पानी को छानकर या फिल्टर करके साफ करें
।ज्यादा समय तक जमा न रखें – ग्रे वॉटर को 24 घंटे से ज्यादा स्टोर न करें, इससे बदबू और कीटाणु बढ़ सकते हैं
।तेज रसायन से बचें – बहुत ज्यादा केमिकल वाले साबुन/डिटर्जेंट का उपयोग न करें।
सब्जियों पर सीधे उपयोग न करें – जिन पौधों की पत्तियाँ या फल सीधे खाए जाते हैं,
उन पर सीधे ग्रे वॉटर न डालें।नियमित सफाई करें – पाइप और फिल्टर की समय-समय पर सफाई करें।

Dumpy Level
प्रस्तावना (Prastavana)
डंपी लेवल एक सर्वेक्षण यंत्र है
जिसका उपयोग जमीन की ऊँचाई-निचाई (Level) मापने के लिए किया जाता है।
इसकी सहायता से किसी स्थान के विभिन्न बिंदुओं का स्तर ज्ञात किया जाता है।
यह यंत्र मुख्य रूप से सिविल इंजीनियरिंग और निर्माण कार्यों में प्रयोग किया जाता है।
उद्देश्य (Uddeshya)
जमीन के अलग-अलग बिंदुओं का लेवल ज्ञात करना।
दो बिंदुओं के बीच ऊँचाई का अंतर पता करना।
सड़क, नहर, भवन आदि निर्माण कार्यों में सही स्तर तय करना।
निरीक्षण (Nirikshan)
निरीक्षण से हमें विभिन्न बिंदुओं की स्टाफ रीडिंग प्राप्त होती है,
जिनकी सहायता से ऊँचाई का अंतर ज्ञात किया जाता है।
निष्कर्ष
इस प्रयोग से हम जमीन के विभिन्न बिंदुओं का स्तर सही तरीके से मापना सीखते हैं,
जो निर्माण कार्यों में बहुत उपयोगी होता है।

Wiring Board
प्रस्तावना
इलेक्ट्रिक वायरिंग बोर्ड वह बोर्ड होता है
जिस पर स्विच, सॉकेट, बल्ब होल्डर आदि लगाकर बिजली का कनेक्शन किया जाता है।
इसका उपयोग घरों और प्रयोगशालाओं में बिजली के उपकरण चलाने के लिए किया जाता है।
सबसे पहले वायरिंग बोर्ड को साफ करके सही जगह पर रखें।
बोर्ड पर स्विच, सॉकेट और बल्ब होल्डर को स्क्रू से अच्छी तरह फिट करें।अब फेज (Phase) वायर को स्विच में जोड़ें।
स्विच से वायर को बल्ब होल्डर तक जोड़ें।न्यूट्रल (Neutral) वायर को सीधे बल्ब होल्डर और सॉकेट से जोड़ें।
सभी कनेक्शन अच्छे से टाइट करें।
अंत में टेस्टेर से चेक करें कि करंट सही आ रहा है या नहीं।
(Uddeshy):
विद्युत वायरिंग बोर्ड को सही तरीके से भरना और कनेक्शन करना सीखना
।स्विच, सॉकेट और बल्ब होल्डर का उपयोग समझना।फेज (Phase) और न्यूट्रल (Neutral) वायर की पहचान करना।
बिजली के उपकरणों को सुरक्षित तरीके से जोड़ना सीखना।
विद्युत कार्य करते समय सुरक्षा के नियमों की जानकारी प्राप्त करना।
निष्कर्ष
प्रयोग से हमें इलेक्ट्रिक वायरिंग बोर्ड भरना और सही तरीके से कनेक्शन करना सीखने को मिलता है।
स्विच
सॉकेट
(तार)
बल्ब होल्डर
स्क्रू ड्राइवर
टेस्टेर
वायरिंग बोर्ड


Hydro Meter
प्रस्तावना:
Hydrometer एक ऐसा उपकरण है
जिसका उपयोग किसी द्रव (liquid) का घनत्व या विशिष्ट गुरुत्व (Specific Gravity) मापने के लिए किया जाता है।
यह सामान्यतः काँच का बना होता है और पानी, दूध, बैटरी का अम्ल, पेट्रोल आदि द्रवों की जाँच में प्रयोग किया जाता है
। हाइड्रोमीटर का कार्य इस सिद्धांत पर आधारित है
कि जिस द्रव का घनत्व अधिक होगा,
उसमें हाइड्रोमीटर कम डूबेगा और कम घनत्व वाले द्रव में अधिक डूबेगा।
हाइड्रोमीटर (Hydrometer) के उद्देश्य –
Hydrometer का उपयोग द्रव का घनत्व और विशिष्ट गुरुत्व मापने के लिए किया जाता है।
इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:किसी भी द्रव (जैसे पानी, दूध, अम्ल आदि) का घनत्व मापना।द्रव की शुद्धता या गुणवत्ता की जाँच करना।
बैटरी के अम्ल का विशिष्ट गुरुत्व मापकर बैटरी की स्थिति पता करना।
विभिन्न द्रवों की तुलना (comparison) करना।प्रयोगशाला और उद्योगों में द्रव की जाँच और परीक्षण करना।
हाइड्रोमीटर (Hydrometer) के उपयोग –
Hydrometer का उपयोग विभिन्न द्रवों का घनत्व और विशिष्ट गुरुत्व मापने के लिए किया जाता है।
इसके मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:बैटरी के अम्ल की जाँच करने के लिए।दूध की शुद्धता जाँचने के लिए।पानी और अन्य द्रवों का घनत्व मापने के लिए।रसायन प्रयोगशाला (Laboratory) में द्रवों की जाँच करने के लिए।
निरीक्षण
हाइड्रोमीटर साफ और बिना टूट-फूट के होना चाहिए
।इसे द्रव में धीरे-धीरे सीधा डालना चाहिए।हाइड्रोमीटर को बर्तन की दीवार से नहीं लगाना चाहिए।

