1. स्केल (Scale) लगानाबोतल के बाहर एक स्केल (Scale/Ruler) या इंच/मिलीमीटर वाला टेप सीधा चिपका दें।शुरुआती ‘0’ (Zero): स्केल का ‘0’ (शून्य) निशान वहां होना चाहिए जहाँ बोतल का नीचे का समतल हिस्सा शुरू होता है। (बोतल के नीचे थोड़ी सी रेत/पत्थर डालकर पानी भर दिया जाता है ताकि वह हवा से उड़े नहीं, और उस पानी के ऊपरी स्तर पर ‘0’ मार्क किया जाता है)।

2. सही जगह पर रखनाइस सेटअप को किसी खुले मैदान या छत पर रखें जहाँ ऊपर कोई पेड़, छत या दीवार की रुकावट न हो।इसे किसी भारी चीज़ (जैसे पत्थरों या गमलों) के बीच फंसाकर रखें ताकि हवा चलने पर यह गिरे नहीं।

3. रीडिंग नापना (Measuring)समय तय करें: आमतौर पर 24 घंटे में (जैसे रोज़ सुबह 8 बजे) बारिश मापी जाती है।स्केल देखें: पानी जिस स्तर/निशान (mm या cm) तक पहुँचा है, उसे देखें।परिणाम: अगर स्केल में पानी 10 mm तक पहुँचा है, तो इसका मतलब है कि 10 मिलीमीटर (mm) बारिश हुई है।ध्यान दें: ऊपर फनल (कीप) की तरह लगी बोतल का ऊपरी व्यास (diameter) वही होना चाहिए जो नीचे की बोतल का है, ताकि पानी इकट्ठा होने का क्षेत्र एकदम सटीक रहे।