= CPR क्या है?

CPR का पूरा नाम Cardiopulmonary Resuscitation है।

हिंदी में इसे हृदय-फुफ्फुसीय पुनर्जीवन कहते हैं।

CPR क्यों किया जाता है?

जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है और वह सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा होता, तब CPR देकर उसकी जान बचाने की कोशिश की जाती है।

CPR के मुख्य चरण

  1. व्यक्ति की प्रतिक्रिया जांचें।
  2. तुरंत किसी को इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलाने के लिए कहें।
  3. सामान्य सांस नहीं आ रही हो तो छाती के बीच में हाथ रखकर CPR शुरू करें।
  4. AED मशीन उपलब्ध हो तो उसके निर्देशों का पालन करें।

इलेक्ट्रिकल सेफ्टी में CPR क्यों जरूरी है?

इलेक्ट्रिकल काम करते समय करंट लगने से किसी व्यक्ति को गंभीर चोट या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। CPR का ज्ञान होने से ऐसी इमरजेंसी में मदद की जा सकती है।

CPR का प्रशिक्षण किसी योग्य प्रशिक्षक से लेना सबसे अच्छा है।

= CPR की खोज किसने की?

आधुनिक CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) के विकास में दो डॉक्टरों का महत्वपूर्ण योगदान था:

  1. डॉ. जेम्स एलम (James Elam) – उन्होंने सांस देने की आधुनिक तकनीक के विकास में योगदान दिया।
  2. डॉ. पीटर सफर (Peter Safar) – उन्हें आधुनिक CPR का जनक कहा जाता है।

CPR के जनक: डॉ. पीटर सफर (Peter Safar)

उन्होंने 1950–1960 के दशक में आधुनिक CPR तकनीक को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।