ग्रे वॉटर (Greywater) क्या है?
ग्रे वॉटर, घर के काम-काज (जैसे कपड़े धोने, नहाने, बर्तन साफ करने और सिंक) से निकलने वाला इस्तेमाल किया हुआ पानी होता है। इसमें शौचालय (Toilet) से निकलने वाला पानी शामिल नहीं होता। शौचालय के पानी को ब्लैक वॉटर (Blackwater) कहा जाता है, जिसमें बैक्टीरिया और गंदगी की मात्रा बहुत अधिक होती है।
1. ग्रे वॉटर के मुख्य स्रोत
1.नहाने और शावर का पानी: साबुन और शैम्पू का हल्का घोल।
2.कपड़े धोने की मशीन (Washing Machine) का पानी: सर्फ और डिटर्जेंट युक्त पानी।
3.रसोई और बर्तन साफ करने का पानी: इसमें ग्रीस, तेल और भोजन के कण हो सकते हैं (इसे सबसे भारी ग्रे वॉटर माना जाता है)।
4.वाश बेसिन का पानी: हाथ-मुंह धोने और ब्रश करने के बाद का पानी।
2. ग्रे वॉटर के फायदे
1.पानी की बचत: शुद्ध पीने योग्य पानी (Fresh Water) की मांग में 30% से 50% तक की कमी आती है।
2.भूजल स्तर (Groundwater level) में सुधार: ग्रे वॉटर को जमीन में रीचार्ज करके कुओं और बोरवेल का जलस्तर बढ़ाया जा सकता है।
3.कम बिल: पानी के बिल और वाटर सप्लाई पर निर्भरता कम होती है।
4.पौधों के लिए फायदेमंद: इसमें मौजूद नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे तत्व पौधों के लिए प्राकृतिक खाद का काम करते हैं (यदि इसमें रसायन ज्यादा न हों)।
3. इसका उपयोग कहाँ किया जा सकता है?ग्रे वॉटर का इस्तेमाल सीधे या हल्का फिल्टर करके निम्नलिखित कामों में किया जा सकता है:पेड़-पौधों और गार्डनिंग में: बगीचे, खेतों या पेड़ों की सिंचाई के लिए।टॉयलेट फ्लश में: टॉयलेट में फ्लशिंग के लिए फिर से इस्तेमाल करना।साफ-सफाई में: गाड़ी धोने, आंगन या फर्श की धुलाई में।
4. घरेलू स्तर पर ग्रे वॉटर रीसायकल कैसे करें? (सस्ता और आसान तरीका)आप अपने घर पर एक साधारण सैंड एंड ग्रेवल फिल्टर (Sand & Gravel Filter) बना सकते हैं:प्राथमिक छननी (Filter Mesh): सबसे पहले पानी में से बड़े कचरे (बाल, कपड़े के रेशे, भोजन के टुकड़े) को जाल द्वारा अलग करें।फिल्टर टैंक: एक ड्रम या टैंक में नीचे से ऊपर की ओर इस क्रम में परतें बनाएं:सबसे नीचे: मोटे पत्थर (Gravel)बीच में: बारीक गिट्टी या कोयला (Activated Charcoal) – यह गंध और रसायन सोखता है।सबसे ऊपर: बारीक बालू/रेत (Sand)कलेक्शन टैंक: इस फिल्टर से छनकर निकला पानी एक अलग टैंक में जमा करें और उसका उपयोग सिंचाई या फ्लशिंग में करें।
5. ग्रे वॉटर इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां24 घंटे से ज्यादा जमा न रखें: ग्रे वॉटर को 24 घंटे से ज्यादा समय तक किसी टैंक में बंद रखने से उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और बदबू आने लगती है।सब्जियों या फलदार पौधों पर सीधे छिड़काव न करें: इसका इस्तेमाल हमेशा पौधों की जड़ों में करें, सीधे पत्तों या फल-सब्जियों के ऊपर न डालें।इको-फ्रेंडली डिटर्जेंट का उपयोग करें: यदि आप इस पानी को पेड़-पौधों में डाल रहे हैं, तो घर में सोडियम और बोरॉन मुक्त (Eco-friendly / Bio-degradable) साबुन और सर्फ का इस्तेमाल करें।पीने या खाना बनाने में बिल्कुल इस्तेमाल न करें: यह पानी कभी भी इंसानों या जानवरों के पीने योग्य नहीं होता।