वायर (तार) एक ऐसा धातु का माध्यम है जिसका उपयोग बिजली (Electrical Current) या सिग्नल (Data/Information) को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए किया जाता है। वायर आमतौर पर तांबे (Copper) या एल्युमीनियम (Aluminum) से बने होते हैं और इनके ऊपर प्लास्टिक (PVC) की इंसुलेशन चढ़ी होती है।वायर के मुख्य प्रकार (Types of Wires)

1. कोर (Core) और बनावट के आधार पर

*सिंगल स्ट्रैंड वायर (Single Strand / Solid Wire): इसमें अंदर तांबे या एल्युमीनियम का एक ही मोटा तार होता है। यह कम लचीला होता है लेकिन मजबूत होता है (जैसे घर की मेन वायरिंग या अंडरग्राउंड वायरिंग)।

*मल्टी-स्ट्रैंड वायर (Multi-strand / Flexible Wire): इसमें पतले-पतले कई तार आपस में ऐंठे (twist) होते हैं। यह बहुत लचीला होता है और मोड़ने पर आसानी से नहीं टूटता (जैसे घर के उपकरणों के प्लग वायर)।

2. उपयोग के आधार पर

*सिंगल कोर वायर (Single Core Wire): इसमें केवल एक ही इंसुलेटेड कंडक्टर होता है।

*मल्टी कोर वायर (Multi Core Wire): एक ही बाहरी प्लास्टिक कवर (Jacket) के अंदर 2, 3 या 4 अलग-अलग रंग के इंसुलेटेड तार होते हैं (जैसे 3-Pin प्लग के लिए इस्तेमाल होने वाला केबल)।

*शील्ड / को-एक्सियल वायर (Coaxial Cable): इसके अंदर एक मुख्य तार होता है जिसके ऊपर जालीदार अर्थिंग/शील्डिंग होती है। इसका उपयोग डिश टीवी, केबल टीवी और इंटरनेट सिग्नल के लिए होता है।

*ट्विस्टेड पेयर वायर (Twisted Pair Cable): इसमें दो तार आपस में लपेटे होते हैं। इसका इस्तेमाल LAN / इंटरनेट नेटवर्क (CAT5, CAT6) में डेटा ट्रांसफर के लिए होता है।

3. धातु के आधार पर

*कॉपर वायर (Copper Wire): बिजली का बहुत अच्छा चालक (Conductor), ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होता है। घरों के अंदर की वायरिंग में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

*एल्युमीनियम वायर (Aluminum Wire): कॉपर की तुलना में सस्ता और हल्का होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बाहर खंभों से घर तक बड़ी सर्विस लाइन लाने या भारी इंडस्ट्रियल लोड के लिए किया जाता है।