
=लेथ मशीन को चलाने का तरीका:-
=लेथ मशीन (Lathe Machine) चलाने का सामान्य तरीका इस प्रकार है:सुरक्षा उपकरण पहनें
– सेफ्टी गॉगल्स, सेफ्टी शूज़ और आवश्यक PPE पहनें। ढीले कपड़े या आभूषण न पहनें।मशीन की जाँच करें
– चक (Chuck), टूल, गार्ड और सभी कंट्रोल सही स्थिति में हैं या नहीं, यह देखें।वर्कपीस को कसें
– जॉब को चक में मजबूती से पकड़ें और चक की (Chuck Key) निकालना न भूलें।कटिंग टूल लगाएँ
– टूल को सही ऊँचाई और मजबूती से टूल पोस्ट में फिट करें।स्पीड और फीड सेट करें
– जॉब के मटेरियल के अनुसार RPM और फीड चुनें।मशीन चालू करें
– मशीन स्टार्ट करें और धीरे-धीरे टूल को जॉब की ओर बढ़ाएँ।मशीनिंग करें
– आवश्यकता के अनुसार टर्निंग, फेसिंग, ड्रिलिंग या अन्य ऑपरेशन करें। जरूरत हो तो कटिंग फ्लूइड का उपयोग करें।काम पूरा होने पर
– मशीन बंद करें, जॉब निकालें और मशीन की सफाई करें।
महत्वपूर्ण सुरक्षा सावधानियाँ:घूमते हुए चक या जॉब को कभी हाथ से न छुएँ।
=चिप्स (धातु के बुरादे) हाथ से न हटाएँ; ब्रश का उपयोग करें।मशीन चलने के दौरान माप न लें।
=किसी भी असामान्य आवाज़ या कंपन होने पर मशीन तुरंत बंद करें।
=लेथ मशीन का उपयोग कहापर होता है ?
=लेथ मशीन (Lathe Machine) का उपयोग धातु, लकड़ी और प्लास्टिक के गोलाकार (Cylindrical) भागों को बनाने और मशीनिंग करने के लिए किया जाता है।इसके प्रमुख उपयोग हैं।
=शाफ्ट (Shaft) बनाने में।बोल्ट, नट और स्क्रू बनाने में।पाइप और रॉड की मशीनिंग करने में।
=टर्निंग, फेसिंग, ड्रिलिंग, बोरिंग और थ्रेड कटिंग जैसे कार्यों में।ऑटोमोबाइल, मशीन निर्माण, रेलवे, एयरोस्पेस और वर्कशॉप में विभिन्न मशीन पार्ट्स बनाने और उनकी मरम्मत करने में।
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संक्षेप में:लेथ मशीन का उपयोग मुख्य रूप से धातु के गोलाकार पुर्जों को काटने, आकार देने, थ्रेड बनाने और फिनिशिंग करने के लिए किया जाता है।