(1)व्यक्तिगत स्वच्छत::

(1)स्वास्थ्य

2.सिर की सफाईआँख,3. कान और नाक की सफाई 4.मुँह की सफाई 5.त्वचा की देखभाल 6.हाथ धोना 7.शौच के बाद सफाई 8.जननांगों की सफाई 9.खाद्य और रसोई की स्वच्छता 10.चिकित्सकीय स्वच्छता..

स्वास्थ्य:

जो भोजन हम खाते हैं, हम जिस तरह अपने शरीर को साफ रखते हैं, शारीरिक व्यायाम करते हैं और सुरक्षित यौन संबंध अपनाते हैं, ये सभी हमारे शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

कई बीमारियाँ सफाई के अभाव में पैदा होती हैं। परजीवी, कीड़े, फफूंद, घाव, दांतों का सड़ना, डायरिया और पेचिश जैसी बीमारियाँ निजी स्वच्छता के अभाव में पैदा होती हैं।

केवल साफ रहकर ही इन बीमारियों को रोका जा सकता है।

(1)सिर की सफाई : सप्ताह में एक या दो बार सिर की सफाई शैंपू या किसी अन्य चीज (शिकाकाई) से करनी चाहिए।

(2)आँख, कान और नाक की सफाई:

अपनी आंखों को हर रोज साफ पानी से धोएं।कान में गंदगी जमने से हवा का रास्ता रुक जाता है।

इससे दर्द भी होता है। इसलिए सप्ताह में एक बार रुई से कानों को साफ करें।नाक से निकलनेवाले पदार्थ सूख कर जमा होते हैं और बाद में नाक को बंद कर देते हैं।

इसलिए जब जरूरत हो, नाक को साफ करते रहें। बच्चों को जब सर्दी हो या नाक बहता हो, मुलायम कपड़े से नाक को साफ करें।

(3)मुँह की सफाई__🤟___ मुलायम टूथ पाउडर और पेस्ट दांतों की सफाई के लिए उचित हैं।

हर दिन दो बार ब्रश करें, पहली बार सुबह में जैसे ही आप जगें और फिर रात को बिस्तर पर जाने से पहले।

कोयले का चूर्ण, नमक या खुरदरा पाउडर का इस्तेमाल करने से दांत के बाहरी हिस्से पर खरोंच पड़ जाते हैं।भोजन करने के बाद साफ पानी से कुल्ला करें।

इससे दांतों में फंसे भोजन के कण, जिनसे दुर्गंध, मसूड़ों में सड़न पैदा होती है, बाहर निकल जाते हैं।पौष्टिक भोजन लें।

मिठाई, चॉकलेट, आइसक्रीम और केक कम खायें।

जब आप दांतों में सड़न देखें, तत्काल किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें।नियमित और सही तरीके से ब्रश करने से दांतों पर जमनेवाली परत से छुटकारा मिलता है।

अपने दांतों की सफाई के बारे में नियमित रूप से विशेषज्ञ से संपर्क करें।

(4)त्वचा की देखभाल::❓

इसके अंगों की रक्षा करती है और शरीर का तापमान बनाये रखने में मदद करती है।

त्वचा शरीर की गंदगी को पसीने के रूप में बाहर निकलने में मदद करती है।

दोषपूर्ण त्वचा में पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और इसके कारण घाव, फुंसी आदि निकलते हैं।हर दिन साबुन और साफ पानी से नहायें, ताकि त्वचा साफ रहे।

(5)हाथ धोना;;❓

हम लोग विभिन्न कार्यों को करने जैसे भोजन करने, शौच के बाद हाथ की सफाई, नाक की सफाई, गाय का गोबर हटाने आदि में हाथ का प्रयोग करते हैं।

इस दौरान बीमारी पैदा करनेवाले कीड़े नाखून के नीचे और त्वचा के ऊपर जम जाते हैं।

कोई भी काम करने के बाद हाथों को कलाई के ऊपर, अंगुलियों के बीच में और नाखून के भीतर तक, साबुन से अच्छी तरह साफ कर लें।

विशेष रूप से खाना पकाने और खाने के पहले हाथ जरूर धोयें। इससे कई बीमारियों पर रोक लगती है।

अपने नाखून नियमित रूप से काटें। नाखून को चबाने से और नाक खोदने से बचें।बच्चे कीचड़ में खेलते हैं।

उन्हें भोजन से पहले हाथ धोने की आदत सिखायें।खून, मैला, मूत्र या कै को छूने से बचें।

(6)शौच के बाद सफाई:❓

मल या मूत्र त्याग के बाद अपने अंगों को साफ पानी से धोयें। अपने हाथों को पानी से धोना न भूलें।शौचालय, स्नानागार और आसपास के इलाके को साफ रखें। खुले में शौच करने से बचें।

(7)जननांगों की सफाई:❓

पुरुष और महिला अपने जननांगों को हमेशा साफ रखें।माहवारी के दौरान महिलाएं साफ और मुलायम कपड़े या सैनिटरी नैपकिन का प्रयोग करें।

हर दिन कम से कम दो बार नैपकिन जरूर बदलें।

जिन महिलाओं को दुर्गंध युक्त सफेद द्रव निकलता हो, उन्हें तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।मल या मूत्र त्याग के बाद अंगों को साफ पानी से धोयें।

यदि आपको जननांग में किसी प्रकार का संक्रमण दिखे, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

सुरक्षित सेक्स के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें।यौन गतिविधि से पहले और बाद में जननांगों को साफ करें।

(9)खाद्य और रसोई की स्वच्छता;❓

भोजन को प्रदूषण से बचाने, विषाक्त भोजन से बचने और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए रसोई में स्वच्छता का ध्यान रखें।

रसोई बनाने की जगह और बरतन को साफ रखें।बासी या प्रदूषित भोजन न करें।

खाना पकाने और परोसने से पहले हाथ धोयें।उपयोग करने से पहले खाद्य सामग्री, सब्जी आदि को अच्छी तरह से धोयें।

खाद्य सामग्री को अच्छी तरह रखें।खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर लगे लेबेल को जरूर देखें,

ताकि उपयोग करने की अवधि की जानकारी मिल सके।

रसोई की बेकार चीजों को अच्छी तरह से फेकें।

(10) चिकित्सकीय स्वच्छता:

घावों की ड्रेसिंग में सावधानी बरतें और उपयुक्त आकार की पट्टियों का इस्तेमाल करें।

दवा खरीदते समय एक्सपायरी की तारीख जरूर देखें।अनावश्यक दवाओं को सुरक्षित ढंग से फेंकें।

डॉक्टर की परची के बिना दवा न लें।

(2)पाव बनाने की विधि, और पाव

कैसे बनाए जाते हैं।।:

पाव बनाने की विधि:

पाव बनाने की विधि:

पाव अक्सर हम बाजार से लाना पसंद करते है. यह आपको बड़ी आसानी से बाजार में मिल जाते है और इसका इस्तेमाल कर के आप बड़ी आसानी से कई रेसिपी बना सकते हो जैसे पाव भाजी, मिसाल पाव, दाभेली, वड़ा पाव, आदि.

पर बाजार में यह कैसे बनाते है, इसे कौन बनता है, इसे बनाते समय कैसा सामान इस्तेमाल होता है, हमे इन सब के बारे में पता नहीं होता. और यह पाव आप अपने घर पर ही बना सको इसीलिए हम आज आपके लिए यह पाव की रेसिपी लाये है. इसकी मदत से आप बड़ी आसानी से पाव अपने घर पर ही जब चाहे तब बना सकते हो.l,

1..पाव बनाने के लिए एक बड़ा बर्तन ले कर उसमे मैदा, यीस्ट, शक्कर, नमक और तेल डाल कर सारी चीजों को मिक्स कर लीजिए.

फिर इसमें गुनगुना पानी डाल कर सॉफ्ट आटा गूथ कर तैयार कर लीजिए.

अब इस आटे को ढक कर 30 मिनट के लिए गर्म जगह पर रख दीजिए.30 मिनट बाद आटा फूल कर दुगना हो जाएगा.

अब आप इस आटे को फिर से मसल लीजिए.

अब जिस प्लेट या ट्रे में आपको पाव बेक करना है उसमे तेल लगा लीजिए.

फिर इस आटे से लगभग 5 से 6 गोल गोल पेडे बना कर तेल लगी हुई प्लेट में या ट्रे में रख दीजिए.

अब इस प्लेट को 30 मिनट के लिए ढक कर रख दीजिए.30 मिनट बाद आटे के पेडे फूल कर दुगने हो जाएंगे.

अब कढ़ाई में एक स्टील की रिंग रख कर कढ़ाई को ढक कर इसे 5 मिनट के लिए प्री हीट कर लीजिए.

अब आटे के पेड़ों पर ब्रश की सहायता से थोड़ा थोड़ा दूध लगा लीजिए और इस प्लेट को ऐसे ही कढ़ाई में रख दीजिए और कढ़ाई को ढक कर पाव 15 से 20 मिनट तक सिकने दीजिए.

गैस की आंच मध्यम रखिए.20 मिनट बाद पाव सिक कर तैयार हो जाएंगे.अब गैस बंद कर दीजिए और पाव की प्लेट को कढ़ाई से बाहर निकाल लीजिए.

अब इन पाव पर ब्रश की सहायता से थोड़ा थोड़ा भी लगा लीजिए.पाव के थोड़ा ठंडा होने पर इन्हें प्लेट से निकाल लीजिए और अपने पसंद के व्यंजनों के साथ खाइए।,

बाजार जैसे फ्रेश और नर्म पाव घर पर बन कर तैयार है. इन्हें आप पाव भाजी, वड़ा पाव, मिसल पाव, दाभेली, आदि के साथ खाइए.

पाव बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामग्री का वेट &:

Material namekg/LTR
मौदा7kg
ईस्ट150pkg
ब्लड इन स्टूल22gm
salt150gm
पानी 300m।

पाव बनाने का सामग्री :👍

और पाव बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री,,(1) मौदा(2) यीस्ट (3) साल्ट (4) पानी (5)oil,butter,

मौदा :🤙

वेट मौदा हल्का होता है, वाइट दिखता है, चिपक था नहीं है, स्मार्ट दिखता है।। गैस ज्यादा पकड़ता है ll फाइबर प्रमाण ज्यादा होता हैll इससे एनर्जी ज्यादा मिलता है।। पीठ जल्दी बनता है ll

गोउ :

& वेट ज्यादा है।। पीला पीला रहता है।। चिपकता है।। चिकन नहीं दिखता है।। गेस्कॉम पकड़ते हैं।। फाइबर प्रमाण कम रहता हैll एनर्जी कौन रहता है।। पीठ जल्दी बनता नहीं है।।

ईस्ट क्या होता ह!!

ईस्ट एक परमाणु जुक्तो जीवाणुहैं ll ईस्ट खाने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता हैं ll

ईस्ट में बैक्टीरिया बिना ऑक्सीजन से रहते हैं!! खाने से मीठा खाने से ईस्ट बैक्टीरिया से लाभ होता है…!

मौदा ___ईस्ट कार्बन ऑक्साइड लेकर फूलने की काम करते हैं!!

नमक को मिलाने का जरूरी है पाव बनाने की समय को और सॉल्ट नहीं तो हमसे कर दिया बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं!!

पाव बनाने के लिए पानी इस्तेमाल होने वाले 7kg मुद्दों को 2 लीटर 200ml पानी इस्तेमाल किया जाता है।।

तेल और तू और लोगी, सॉफ्टवेयर स्मूथ बनाने के लिए और पाव को तैयार का होने का सपोर्ट करता है।।

(!) पाव बनाने का मेसीन::

बटी _____में इसमें हमारा लकड़ी का मेन पाव बनाने का हो जाता है।। और इसमें हमारा रेगुलर काम हो सकते हैं।

ओवन _____में हमारे ऊपर और नीचे का फिटिंग करना है कर जाता है और उसकी पाव बनाने के लिए आसान होता है।। इलेक्ट्रॉनिक_____कोयल के साथ पाव बनता है और इसमें अंदर कोयल रहकर शायद करता है।।

माइक्रो ओवन___माइक्रोन अवन से हमारा जल्दी पाव बनता है।।

हम जब पाव बनाते हैं से पहले फ्री हिट हौंडा सेल्सियस डिग्री उनको 10 मिनट तक हिट किया जा सकता है।।

पाव बनाने का समय पाव को 15 मिनट का अंदर बना जाता है और उसके बाद तेल ऊपर लगाया जाता है।। और पाव बनाने का लिए टॉप और बॉटम को 250 सेंटीग्रेड डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर रखा जाता है रखा जाता है।।

बॉर्डर पाव इसको भी ऐसे ही पहले बनाने जाता है कि लेकिन इसको निकालने का बाद तेल लगा जाता नहीं बटर पाव को टॉप की 250 डिग्री सेल्सियस और नीचे का 125 डिग्री सेल्सियस हिट करना चाहता है।।, हमारा पाव बनाने का मशीन कितने प्रकार होता है;–बटी-ओवन—इलेक्ट्रॉनिक कल—-माइक्रो ओवन जल्दी बनता है..!—

और हम कल बना हुआ बाबू को मटेरियल की पोस्टिंग निकलना है।।

ईस्ट कितना प्रकार होता है!

ईस्ट हमारा दो प्रकार है।। ड्राई ईस्ट, लिक्विड ईस्ट। ड्राइविंग क्या है और कैसे काम करता है उसकी बारे में हम जानकारी लेते हैं*

**हमारा ड्राई ईस्ट में पानी थोड़ा ज्यादा लगता है और फुलाने के काम जल्दी करता है।।

लिक्विड इस्ट क्या होता है। लिक्विड ईस्ट में हमारा पानी इतना इस्तेमाल किया जाता नहीं है।l

और हमारा कार्बन डाइऑक्साइड जल्दी बना के सांस लेता है और उसकी बाद जल्दी बुलाने का काम करता है।।

बेकिंग सोडा क्या करता है और किस काम के लिए इस्तेमाल होता है।।

nacho3 बेकिंग सोडा पाउडर भुलाने की काम और कलर बदलने का काम करता है।। टेस्ट बदलना खराब नहीं होता है जल्दी से बेकिंग सोडा ज्यादा स्ट्रांग होती है।।

बेकिंग सोडा प्लस बेकिंग पाउडर बोलने की काम करता है।। केमिकल रिएक्शन होने वाजी से कार्बन डाइऑक्साइड creat होता है।। और हमारा बनाने वाली पाव को रोटी फूलने लगता है।।

material weight price rs
मौदा6kg36/216/
ईस्ट130gm370/48.46/
ब्रेड इन फ्लोर18gm806/14.48
सोल्ड100gm15/1.5
ओ एल100gm130/13.000
oven1unit1unit/1010.000
मुजूरी10035%(283*35—1000=
99.90+283=382.9
7/2/23/Tues days

पाव बनाने का टाइम को नमक हमारा टाइगर या हर एक बनाने की समय को हमारा नमक इस्तेमाल थोड़ा ना थोड़ा इस्तेमाल हो सकता है।।

शुगर की इस्तेमाल है,, जब हम मिटा की चीज बनाती हैं या केक बिस्कुट बनाती हैं और उसको मिटा करते हैं तो सुबह इस्तेमाल किया जाता है।। और इस हमारा चिपचिपा पाओया बन सकता है और अच्छी तरह से मीट होती है।।

ब्रेड इन फ्लोर के साथ हमारा हमारा सॉफ्ट जल्दी होती है और चिपचिपा भी करती हैं।।

पानी की इस्तेमाल पानी की इस्तेमाल के पास ईट्स 7 केजी मौजूदा में 2 लीटर 200 मिली पानी डाला जाता है।। दूध की इस्तेमाल जब हम मिटा पाव चीज समान बनाती है,।।

दूध की इस्तेमाल होना जरूरी है नहीं तो नहीं बन सकता हैं।।

(++सॉस बनाने का तरीका क्या-क्या होता है)

जब हम सोस बनाते हैं पहले हम इमली को पानी में कुछ देर के समय के बाद दिखा जाता है।।

और उसके बाद उसका बीज को अलग किया जाता है, और जूस को अलग सेपरेट किया जाता है।।

और उसके बाद बीज से प्राप्त होने के बाद एक जाली की तरह से उसको चीला जाता है।। और मोटा वाली जूस को अलग बाहर रखा जाता है और पतला वाली उसको जाली से नीचे निकाल के रख जाता है।।

(3) Preparation of Moringa

Chikki.

सामग्री:- मूंगफली, गुड़, घी, गैस, पैकिंग बॉक्स, स्टिकर, जौ, तिल, चिक्की कटर, लतानी, ट्रे आदि।क्रिया:-

1) प्रारंभ में 80 ग्राम जौ, 120 ग्राम तिल और 1 ग्राम सहजन का चूर्ण लें।2) वे मिश्रित थे।

3) फिर 300 ग्राम गुड़ लें। और 300 ग्राम जौ + तिल + मोरिंगा पाउडर का मिश्रण लें।

4) फिर एक पैन में 300 ग्राम गुड़ डालें।

5) उपरोक्त सभी मिश्रण को पैन में डालें और चलाएं। – इसके बाद ट्रे को तेल से ग्रीस कर लें

6) और मिश्रण को कांटे से फेटें और बारीक कटर से काट लें। और पैकिंग बक्से में पैक किया।

costing.

(4) Preparation of Peanut

Chikki.

सामग्री:- मूंगफली, गुड़, घी, गैस, पैकिंग बॉक्स, स्टिकर, जौ, तिल, चिक्की कटर, लतानी, ट्रे आदि।क्रिया:-

1) प्रारंभ में 80 ग्राम जौ, 120 ग्राम तिल और 1 ग्राम सहजन का चूर्ण लें।2) वे मिश्रित थे।3) फिर 300 ग्राम गुड़ लें। और 300 ग्राम जौ + तिल + मोरिंगा पाउडर का मिश्रण लें।

4) फिर एक पैन में 300 ग5) उपरोक्त सभी मिश्रण को पैन में डालें और चलाएं। – इसके बाद ट्रे को तेल से ग्रीस कर लें l

कॉस्टिंग :

(5)तिळाची चिक्की तयार करणे .

साहित्य :-तीळ , साखर ,गॅस ,कढई ,ट्रे ,चिक्की कटर ,लाटणी ,पॅकिंग बॉक्स ,डाळदा इ .कृती :-1)सुरुवातीला साखर व तीळ समप्रमाणात वजन करून घेतले . नंतर कढईत साखर घेतली व गॅस पेटवला .2)साखरेचा पाक करून घेतला . त्या पाकात बारीक केलेले तीळ टाकले . व ते मिश्रण ढवळून घेतले .3)त्यानंतर ट्रे ,लाटणी व कटरला तेल लाऊन घेतले . आणि ते मिश्रण ट्रे वर घेऊन लाटून घेतले .4)व चिक्की कटरने कापून चिक्क्या तयार केल्या .5)नंतर पॅकिंग बॉक्समध्ये पॅकिंग केल्या .

costing .

(6) Preparation of tamarind

sauce.

Ingredients:-Tamarind, jaggery, chili powder, black salt, garam masala, gas etc. Recipe:-1) First clean the tamarind. Then put 1 kg of tamarind in 1 liter of water and boil it. 2) Then add 3 kg of jaggery to tamarind pulp. And the mixture was stirred. 3) Then the mixture was kept on gas. 30 grams of chili powder, 100 grams of black salt, and 20 grams of garam masala were added to that mixture and stirred. And after cooling it was packed and sold to the kitchen (4.8 kg).

costing.

(7)मिरचीचा ठेचा तयार करणे .

साहित्य :-मिरची ,मीठ ,भाजलेले शेंगदाणे ,तेल ,लसूण ,गॅस इ .कृती :-1)पहिल्यांदा 2 kg मिरच्या घेऊन त्या चिरून घेतल्या . नंतर त्या मिरच्या तळून घेतल्या .2)तसेच शेंगदाणे पण तळून घेतले .3)त्यानंतर तळलेल्या मिरच्या ,लसणी आणि शेंगदाणे एकत्र करून मिक्सरला लावले व मिश्रण केले .4)मग कढईत तेल घेऊन त्यात ते मिश्रण टाकले व ढवळून घेतले.ढवळून झाल्यावर त्यात चवीनुसार मीठ टाकले.5)नंतर तयार झालेला मिरचीचा ठेचा थंड होऊ दिला व बरणीत पॅक करून किचनला दिला .(2.7 kg )

(8) Preparation of tomato

sauce.

साहित्य:-टोमॅटो ,साखर ,काळे मीठ ,गरम मसाला ,कांदा /लसूण ,व्हीनेगार ,गॅस ,पानी इ .कृती :-1)टोमॅटो पाण्याने स्वच्छ् धुवून घेतले व देठाकडील हिरवा भाग काढून टाकला .2)नंतर टोमॅटो स्वच्छ् पाण्यात घालून शिजवून घेतले . आणि शिजलेल्या टोमॅटोतून बी व साली काढून टाकल्या3)टोमॅटो पल्प गॅसवर आठवण्यास ठेवला .4)आटत असताना कांदा व लसनाचा लगदा टाकला . त्यानंतर व्हीनेगार व गरम मसाला टाकला .5)याबरोबरच मीठ व साखरही टाकली . हे सर्व मिश्रण ढवळून घेतले व घट्ट होईपर्यंत ढवळले .6)टोमॅटो सॉस थंड झाल्यावर किचनला दिला .(1.6 kg )

(9)नानकटाई तयार करणे .

साहित्य :-मैदा ,डाळदा ,पिठी साखर ,ट्रे ,तेल इ .कृती :-1)सर्वप्रथम 200 ग्रॅम डाळदा घेऊन तो वितळवला आणि त्यामध्ये पिठी साखर 200 ग्रॅम चालून टाकली .2)नंतर मग त्यात 250 ग्रॅम मैदा टाकला व फ्लेवरचा 1 थेंब टाकला .(लिंबू फ्लेवर )3)व ते मिश्रण मळून घेतले . आणि साच्याने वेगवेगळ्या आकाराच्या नानकटाई तयार केल्या .4)आणि ओव्हनमध्ये 150 c ते 180 c तापमानाला बेक केल्या .

(10)पिझ्झा तयार करणे .

साहित्य :-मैदा, यीस्ट, साखर, मीठ, मिल्क पावडर, बटर, आलं पेस्ट, टोमॅटो सॉस, कांदा, टोमॅटो इ.कृती :-1)सुरुवातीला 120ग्रॅम मैदा घेतला. यीस्ट साखर +आला यांचा पेस्ट तयार केला.2)मैदयात बटर आणि पेस्ट टाकली. आणि ते मिश्रण मळून घेतले. आणि त्याचा पिठाचा गोळा तयार केला.3)30 मिनिटे फरमेंटेशनसाठी ठेवला. त्यानंतर कांदा, टोमॅटो, शिमला मिर्च, कापून घेतली.4)फरमेंटेशन झालेल्या पिठापासून पिझ्झाचा बेस तयार केला. त्यावर तेल लावून त्यावर टोमॅटो सॉस लावला.5)त्यानंतर चवीनुसार मीठ व तिखट मसाला टाकला आणि मिरची, कांदा, टोमॅटो, यांचे तुकडे टाकून पिझ्झाला डेकोरेट केले.6)आणि त्यावर चीज टाकले. व पिझ्झा 150ते 180 तापमानाला ओव्हनमध्ये बेक केला.

निरीक्षण :-1)वेगवेगळ्या आकाराचे पिझ्झे तयार केले.2)पिझ्झा थोडा खारट होता .. 3)शाकाहारी पिझ्झा तयार केला .

(11)बटर तयार करणे .

साहित्य :मैदा ,साखर,यीस्ट ,बटर,तूप, इ.कृती:-1)सर्वप्रथम 500ग्रॅम मैदा ,10ग्रॅम यीस्ट ,10ग्रॅम साखर आणि 30ग्रॅम बटर मोजून घेतले .. 2)मग यीस्ट+साखर पाण्यात टाकून मिश्रण तयार केले .ते मिश्रण मैदयात टाकले व मैदयाचे पीठ मळून घेतले .. 3)त्या पिठात बटर वितळवून टाकले .आणि ते पीठ पुन्हा मळून घेतले.. 4)मळून झाल्यावर 30 मिनिटे फरमेंटेशनसाठी ठेवले .. 5)त्यानंतर मग पीठ फुगल्यानंतर त्या पिठापासून छोटे गोळे तयार केले .आणि ते पुन्हा फरमेंटेशसाठी ठेवले .. 6)त्यानंतर ते पिठाचे गोळे ओव्हनमधे ठेऊन 250 तापमानाला बेक केले .आणि बटर तयार केले .

.निरीक्षण :-1)बटर कुरकुरीत झाले होते .. 2)मीठ थोडे कमी होते .. 3)काहींचा बेस जास्त भाजला गेला .

(12)टोस्ट तयार करणे .

साहित्य :मैदा ,यीस्ट ,कस्टर पावडर,साखर ,मीठ इ.कृती :- 1)सर्वप्रथम 250kg मैदा घेतला .त्यानंतर यीस्ट+साखर+कस्टर पावडर पाण्यात मिक्स करून घेतले.. 2)ते मिश्रण मैदात टाकले व चवीनुसार मीठ टाकले.आणि पीठ चांगले मळून घेतले .. 3)मळलेले पीठ फरमेंटेशनसाठी ठेवले .. 4)नंतर मग ते पीठ चपतीसारख लाटून ते फोल्ड करून ब्रेड टीन मधे ठेवले .. 5)आणि 200 अंश तापमानाला ओव्हनमधे बेक केले .. 6)बेक झाल्यावर छोटे छोटे आकाराचे टोस्ट चाकूने कापून घेतले .कॉस्टींग :-

(13) Preparation of tamarind

candy.

साहित्य :-आवळे, हिंग, साखर, बरणी, पाणी, इलायची, गॅस, इ.कृती :-1)सुरुवातीला 1kg आवळे घेतले.2)ते गॅसवर गरम पाण्यात उकळून घेतले.3)त्यानंतर त्या आवळ्यांचे तुकडे केले. आणि त्यातील खराब तुकडे बाजूला काढले.4)मग एक बरणी घेतली. त्या बरणीत सुरुवातीला साखर टाकली.त्यानंतर आवळ्याचे तुकडे टाकले. पुन्हा साखर टाकली. व त्यावर आवळयांचे तुकडे टाकले.5)आणि बरणी पूर्णपणे पॅक बंद करून घेतली.

(14)Ors तयार करणे.

साहित्य :-पाणी, साखर, मीठ, गॅस, इ.कृती :-

1)1लिटर पाणी घेतले.

2)ते पाणी उकळून घेतले.

3)उकवलेले पाणी थंड करून घेतले.

4)त्यानंतर त्या पाण्यात अर्धा चमच मीठ +6 चमच साखर टाकली.

5)अशाप्रकारे ors तयार केली.निरीक्षण :- 1)जुलाब सारख्या आजारांना दूर करते .2)शरीरातील पाणी rehydrat होत .3)जिम करताना वापर.

(15)पाणी परीक्षण करणे .

साहित्य :वॉटर टेस्ट बॉटल्स, वही,पेन ,टेस्ट पेपर, इ.कृती :-1)दोन वॉटर टेस्ट बॉटल घेतल्या .. 2)त्या दोन्ही बॉटल मद्ये टेस्ट पेपर टाकला.. 3)एका बॉटल मद्ये किचन चे पाणी टाकले आणि दुसऱ्या बॉटल मद्ये ड्रीम हाऊसचे पाणी टाकले .. 4)आणि त्या दोन्ही बॉटलवर तारीख आणि वेळ लिहिली.निरीक्षण :-. 1)एका बॉटल मद्ये किचन च पाणी घेतले ते 24 तासानंतर काले झाले .त्यामुळे ते पाणी पिण्यायोग्य नाही.. 2)दुसऱ्या बॉटल मद्ये ड्रीम हाऊसचे पाणी घेतले ते 24 तासानंतर पांढर च राहिलं त्यामुळे ते पाणी पिण्यायोग्य आहे .

(16)केक तयार करणे .

Materials :- Premix powder, cake tin, jam, water, cream, different flower molds etc. Recipe :- 1) First of all take 300 grams of premix powder. Add 200 ml of water to it and stir it.

2) Grease the cake tin with butter and flour. The flour is applied. And added premix powder mixture. And put that cake tin on the gas cooker. The inner mixture was baked.

3) The baked part was cut with a knife. Put jam on it. And put sugar syrup on it and put cream on it.

4)Also we cut a part again and placed it on top of the visible part. Again jam was applied on it and cream was applied.

5) After this, different sizes of cream were added and designs were made on the cake. We prepared 1.5 kg cake.

(17) Checking blood group.

Materials:-Spirit, cotton, slide glass, gloves, lancet etc. Procedure:-

1)Spirit the finger near the thumb of the right hand and sterilize it.

2)Then touch it with the help of lancet Anti -a was added to the drop, anti -b to the second drop, and anti -d to the third drop one drop at a time.

blood group testing for using the tools:

(18)रक्तदाब तपासणे .

What is blood pressure?

When our heart pumps pure blood through the arteries, pressure builds up there, that pressure is called blood pressure. Two types of blood pressure:-1) High blood pressure.

2) Low blood pressure. It is 140/90 mm/hg. 2) Low blood pressure is 120/80 mm/hg.

(19)चॉकलेट तयार करणे .

Ingredients :- Sugar, cocoa powder, milk powder, bowl, butter, milk, gas etc. Recipe :-

1) First melt the butter.

2) Add sugar + cocoa powder + milk + flavor and mix it.

3) Dilute the mixture completely. .

4)Poured the mixture into chocolate compound .

5)Keep in freezer .

(To harden) 6)Packing.

(20)खारी बनवणे .

Ingredients :-Flour, sugar, salt, cumin, ghee, dalda etc. Recipe :-1) First take flour.

2) Then add salt as per taste and add water and knead it.

3) After kneading, put the dough in fridge for 10 minutes.

4. ) After that take dalda on the table and put cumin seeds in it and mix it.

5) Then put flour on the table and roll it like pitar chapati. After that, take the dalda and add sugar.

6) Fold it like a book and keep it in the fridge again. We did this 4 times.

7) After that again cut pieces of chapati-like latu khari.

8) And baked in the oven at 150 to 180 temperature.

(21)हिमोग्लोबिन तपासणे .

शोध :-हिमोग्लोबिनचा शोध मॅक्स पेरूत्झ या वैज्ञानिकानी सन इ .

1959 मध्ये लावला .कार्य :-आपल्या शरीराला प्राणवायू पुरवणे . आणि कार्बन oxcide फुप्फुसा पर्यंत पोहचवणे काम करते .

Materials :-1) Thermometer 2) Pipette

2)The amount of HB in women is 12 to 14 grams .21. PRACTICAL OBJECTIVES To complete the wrong water and ladoo orders of Sahyadri School.

Figure..Materials. Moringa peanut form gul Moringa powder til javasadhane. Latani, kadai ulthana chikki cutter chikki dre.recipe.

1. सर्वात प्रथम सर्व मटेरियल गोळा करून घेतली2 त्यानंतर जवळ 80 gm 120gm व मोरिंगा पावडर 20 ग्राम घेतले

3. व त्याची मिश्रण करून घेतले4. त्यानंतर 300 ग्रॅम गुळ घेतले5 त्यानंतर कडे मध्ये गुळाचा पाक करून घेतलं व जवळ अधिक तीळ अधिक मोरिंगा पावडरचे मिश्रण करून ढवळून टाकले नंतर ट्रेनला तेल लावले लागलेला तेल लावलेसर्व मिश्रण ड्रायव्हर टाकून लाटण्याने लाटून घेतले त्यानंतर कटरच्या साह्याने त्याला कट कट करून झाल्यावर बॉक्समध्ये भरून चुकीचे वजन केलेएका बॉक्स मध्ये 250 ग्रॅम भरली कुठला लेबल लावले.

(22) Imli sauce making.

सामग्री:  कुकिंग निर्देश 8.स्टेप 1सामग्री

इमली बीज वाली  = 250 ग्राम

रिफाइंड तेल = एक टेबलस्पून

हींग = 2 चुटकी

साबुत जीरा = आधी टी स्पून

गुड = 200 ग्राम

चीनी = 100 ग्राम

सौंफ का पाउडर = आधी टी स्पून

लाल मिर्च पाउडर = आधी टी स्पून

काला  नमक = आधी टी स्पून

जीरा पाउडर = आधी टी स्पून

सौंठ का पाउडर = एक टी स्पून

नमक = आधी टी स्पून

खरबूजे के बीज = एक टी स्पून 

इमली को 2 घंटे पानी में रखे फिर इसे अच्छी तरह मसल कर इसके बीज हटा ले फिर इसे छान ले अब पैन में तैल डाले फिर जीरा डालकर भूरा करे फिर इसमें छानी हुई इमली डाले और साथ ही चीनी और गुड भी डालकर पकाए जब सौस गाढ़ी होने लगे तब 2 चुटकी सेधा नमक डालकर गैस बंद करे इस सौस को आप फ्रिज में जमा करके भी रख सकते है  i

इमली की खट्टी मीठी चटनी बनाने की रेसिपी |

इमली की चटनी एक खट्टी मीठी चटनी है जो की पूरे भारत में बहुत चाव से  खायी जाती है

इस चटनी की समोसे ,दही बड़े ,ढोकला   कचोरी के साथ खाया जाता है

इसे घर में आप आसानी से बनाकर फ्रिज में रख सकते हैं और 15 दिन तक खा सकते हैं

तो आप बताये गए स्टेप्स को ध्यान से  फॉलो करके बहुत आसानी से टेस्टी रेसिपी तैयार कर सकते हैं

तो बनाना शुरू करते हैं.

बनाने की विधि / इमली की चटनी बनाने की विधि

इस चटनी को बनाने के लिए मैं 250 ग्राम बीज वाली इमली ली है इसे हम

उपयोगी सुझाव

चटनी को पकाते समय आप बहुत गाढ़ा न करें क्योंकि ठंडी होने  पर यह बहुत गाढ़ी हो जायेगी

चीनी और गुड दोनों जरूर डालें जिससे कलर ,टेस्ट बहुत अच्छे आते हैं

इमली को बहुत ज्यादा न पकाएं नहीं तो यह बहुत ज्यादा पकाने पर कडवी हो जायेगी

अगर सौंठ न मिले तो आप इसकी जगह अदरक का रस डाल सकते हैं

तो आपने imli chutney recipe | इमली की खट्टी मीठी चटनी बनाने की रेसिपी  को जाना

आप इस रेसिपी को जरूर बनाकर लहना बहुत स्वादिस्ट बनती है

और अगर आप आगे भी ऐसी ही अच्छी अच्छी रेसिपी पढना चाहते हैं तो नीचे दिख रहेllv