मिट्टी की उर्वरता का पता चलता है।नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और पोटैशियम (K) जैसे पोषक तत्वों की मात्रा पता चलती है।मिट्टी का pH और लवणता जाँची जाती है।फसल के लिए आवश्यक उर्वरक की सही मात्रा निर्धारित की जा सकती है।अनावश्यक खाद पर होने वाला खर्च कम होता है।फसल की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है।मिट्टी का नमूना लेने की सामान्य विधि:खेत के अलग-अलग स्थानों से लगभग 15–20 सेमी गहराई तक मिट्टी का नमूना लिया जाता है। अलग-अलग स्थानों की मिट्टी को अच्छी तरह मिलाकर प्रतिनिधि नमूना तैयार किया जाता है और उसे प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा जाता है।मृदा परीक्षण से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किसान को यह

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